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Sun The king of Planet

सूर्य शांति के लिए ज्योतिष के उपाय “surya dev pooja”
सूर्य क्रूर ग्रह से दृष्ट युक्त अथवा अपनी नीच राशि तुला में हो तो सूर्य अशुभ माना जाता है जन्म कुंडली अथवा वर्ष कुंडली में सूर्य अशुभ हो तो निम्नलिखित किसी एक मंत्र का 7000 से लेकर सवा लाख की संख्या में जाप करना चाहिए
जाप का आरंभ शुक्ल पक्ष के रविवार को जा सूर्य षष्टि अथवा रवि योग में जा रवि पुष्य योग में करना चाहिए, पाठ के आरंभ करने से पहले लाल फूलों से अक्षत चावल ,गंगाजल लेकर पाठ का संकल्प ध्यान और आवाहन करें
जप पाठ के लिए रुद्राक्ष की माला सर्वोत्तम है उसके अभाव में चंदन या तुलसी की माला का प्रयोग भी कर सकते हैं विधि पूर्ण सूर्य उपासना से पद की उन्नति ,आतम शक्ति तेजबल राज प्रतिष्ठा एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है
प्रतिदिन पाठ के उपरांत सूर्य देव को तांबे के बर्तन में शुद्ध जल या लाल चंदन से जा लाल फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए उसके बाद गायत्री मंत्रजाप करने का विधान है”surya dev pooja”
निश्चित संख्या में पाठ जप की पूर्ति हो जाने पर 10 वी संख्या में हवन कर लेना चाहिए ओम सूर्याय नमः इस मंत्र का पाठ करना चाहिए
ओम घृणि सूर्याय नमः, सूर्य गायत्री मंत्र का जाप विधि पूर्वक रविवार का व्रत, सूर्य देव का रतन सूर्यमणि या माणिक धारण करना चाहिए,
औषधि स्थान इलायची देवदारू केसर कनेर लालपुर एवं गंगाजल से विधिवत सूर्य यंत्र धारण करना और सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ होता है
सूर्य दान के योग्य वस्तुएं सूर्य के लिए गेहूं गुड लाल वस्त्र देसी घी लाल वर्ण की गाय को पट्ठे स्वर्ण मानिक तांबे का बर्तन मीठा नारियल सहित लाल फल ब्राह्मण भोजन एवं स पाठ के उपरांत दसवें हिस्से का हवन करना शुभ होता है”surya dev pooja”
सूर्य के उपाय, तांबे की अंगूठी में मानिक रतन विधिवत तैयार किया हुआ ताम्रपत्र पर धारण करें सूर्य यंत्र ताम्रपत्र पर धारण करें
खाना खाते समय अथवा तांबे के चम्मच का प्रयोग करना चाहिए 11 रविवार तक सूर्य स्नान करना जब जन्म जा वर्ष कुंडली में सूर्य अशुभ हो
108 रविवार तक प्रतिदिन नियमित रूप से तांबे के बर्तन में शुद्ध जल लालचंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य स्तोत्र का पाठ करना शुभ होता है रविवार को नमक से परहेज रखें नमक रहित सादा भोजन करें

इसकी पहचान भी कैसी होती है
आज हम यह भी आपसे बताएंगे जो असली होता है वह लाल सुर्ख वर्ण का पारदर्शी होता है उसमें कुछ कांति रहती है और कुछ भारीपन वजन लिए होता है हाथ में रखने पर हल्की गर्माहट एवं कुछ अधिक वजन का अनुभव होता है
इसको अगर कांच के गिलास में रख दें तो इसमें से लाल किरने चारों ओर से निकलती दिखाई देंगे और अगर इसको गाय के दूध में असली मालिक रखा जाए तो दूध का रंग गुलाबी दिखाई देगा

  • इसको धारण कैसे करना चाहिए यह भी हम आपको बताते हैं
  • मानिक रतन रविवार वाले दिन और रविवार कौन सा होना चाहिए, रविवार अमावस्या के बाद जो शुक्ल पक्ष का रविवार आता है उस दिन सूरज की होरा मे, होरा सूरज का ही समय होता है
  • उस दिन और उस समय इस मानिक को कृतिका नक्षत्र या उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र इन नक्षत्रों में रवि पुष्य योग में सोने या तांबे की अंगूठी में जुड़वा कर इसको सूर्य के बीज मंत्रों के द्वारा अभिमंत्रित करके अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए
  • अनामिका उंगली सबसे छोटी उंगली के बाद दूसरी उंगली होती है जिसका वजन 3 रत्ती अगर बच्चे को पहनना हो तो कम से कम 3 रत्ती पहनना चाहिए और उससे ऊपर थोड़ा कुमार अवस्था वाले को पांच रत्ती और युवा अवस्था वाले को सात रत्ती और उससे ऊपर उम्र वाले को 9:00 रत्ती कर्म से पहनना चाहिए
  • सूर्य के बीज मंत्रों का पाठ करना चाहिए ओम सूर्याय नमः इसी मंत्र का पाठ कर लेना चाहिए या दूसरा वैदिक मंत्र होता है उसका पाठ ब्राह्मण से करवा लेना चाहिए
  • सूर्य मंत्र पाठ करने के बाद गायत्री मंत्र की तीन माला का पाठ अवश्य करें उसके बाद हवन करके सूर्य भगवान को विधिपूर्वक लाल फूल गुड और सिंदूर डालकर अर्पण करे
SURYA UPAY

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