Shiv puja

Shiva Puja in Hinduism is the way by which one worships Lord Siva through traditional and ancient rites with the use of mantra, tantra, yantra, kriyas, mudras, and abhisheka. 

पूजा करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्‍यान

इस दौरान ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें. – पंचामृत से अभिषेक करने के बाद शिव जी को चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल जरूर चढ़ाने चाहिए. इससे शिव जी प्रसन्‍न होते हैं. – शिव जी कभी भी हल्‍दी, कुमकुम, तुलसी दल, नारियल, लाल फूल कभी नहीं चढ़ाने चाहिए.

Shiv Puja Tips: 

हिंदू धर्म में भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा अत्यंत सरल मानी जाती है. भगवान शिव ऐसे देवता हैं जो बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. सिर्फ एक मात्र लोटा जल अर्पित करने से ही भगवान शिव की  कृपा पाई जा सकती है. वैसे तो महादेव को प्रसन्न करने के लिए किसी भी दिन उनकी पूजा की जा सकती है. लेकिन प्रदोष व्रत और सोमवार का दिन शिव पूजा (Monday Shiva Puja) के लिए खास होता है.

मान्यता है कि इन दिनों शिव की अराधना करने से भोलेशंकर की विशेष कृपा पाई जा सकती है. आइए जानते हैं शिव पूजा से जुड़े सरल और प्रभावी उपाय, जिन्हें जुड़ते ही जीवन का बड़े से बड़ा कष्ट दूर हो जाता है. 

ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः । शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च ।। अर्धनारीश्वर भगवान भोलेनाथ को धूप समर्पण करने का मंत्र… ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च ।

भोलेशंकर की पूजा के चमत्कारिक लाभ

मान्यता है कि भगवान शिव के साधकों की कभी भी पराजय नहीं होती. – भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को किसी भी प्रकार का रोग–शोक नहीं रहता. शिव भक्त उनकी कृपा से रोग मुक्त रहते हैं क्योंकि वे बैद्यनाथ हैं. – भगवान शिव पूजा से भक्तों का आत्मबल बढ़ता है.

शिव नवरात्रि के पहले दिन भगवान महाकाल का चंदन से श्रृंगार होगा। भगवान को सोला व दुपट्टा धारण कराया जाएगा। चांदी का मुकुट, मुंडमाला, छत्र आदि आभूषण से श्रृंगार किया जाएगा। दरअसल, ज्योतिर्लिंग की पूजन परपंरा में प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे भोग आरती तथा शाम को 5 बजे संध्या पूजा की जाती है।

ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥ ॐ पार्वतीपतये नम:॥ ॐ पशुपतये नम:॥ ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥

घर में शिवजी की पूजा कैसे करें

घर में शिवलिंग की पूजा कैसे करेंआप प्रत्येक दिन आचमन (जल हथेली में लेकर) रख कर शुद्धिकरण करें। सुगन्धित जड़ी बूटी वाली धूप बत्ती जला कर गणपति बप्पा को नमन करने के बाद घर के शिवलिंग (घर का शिवलिंग अंगूठे के आकर से बड़ा ना हो तो बेहतर) पर जल (गंगा जल हो तो बेहतर) से अभिषेक करायें।