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Maha Mrityun Jaya Mantra

आज हम बात करेंगे मृत संजीवनी मंत्र की जिसको हम श्री महामृत्युंजय मंत्र भी कहते हैं |

यह मंत्र सर्व व्याधि नाश करने के लिए और शारीरिक कष्ट निवारण के लिए और ग्रहों के दोष का निवारण करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है|

जय भगवान शिव का मंत्र है Maha Mrityun Jaya Mantra Anushthan By Best Astrologer

Maha Mrityun Jaya Mantra Anushthan By Best Astrologer

शुभ मुहूर्त

किसी शुभ मुहूर्त में शुद्ध शांत के संयम पूर्वक किसी मंदिर में विशेषकर के शिव मंदिर में गंगा आदि तीर्थ स्थानों में जलाशय में सरोवर में पीपल वृक्ष के पास अथवा अपने निवास स्थान में एकांत स्थान पर संकल्प पूर्वक विषम संख्या में नियमित रूप से श्रद्धा पूर्वक पाठ करने से अवश्य ही लाभ मिलता है जप संख्या में उल्ट फेर जा किसी कमी पेशी करने से नुकसान होने का भय रहता है |

जप संख्या पूर्ण हो जाने पर जप संख्या का दशमांश हवन और हवन का दशांश तर्पण और तर्पण का दशांश मार्जन और उसके बाद दान आदि सहित ब्राह्मण भोजन करवाना चाहिए तथा पाठ के बाद शिव कवच पढ़ना चाहिए और जप के बाद प्रार्थना करनी चाहिए|

कुंडली में ग्रह नक्षत्र दोष

श्री महामृत्युंजय मंत्र से अकाल मृत्यु का निवारण दीर्घायु एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है|

इसके अतिरिक्त जन्म कुंडली में ग्रह नक्षत्र दोष ,नाडी दोष, मांगलिक दोष, शत्रु षडाष्टक दोष वित्त एवं वैधव्य आदि दोषों के निवारण हेतु एवं अदिश एवं असाध्य रोगों के मृत्यु तुल्य श्री मानसिक रोगों में उपाय स्वरूप अचूक एवं सिद्ध मंतर यह माना जाता है |

उसके बाद महामृत्युंजय के कवच यंत्र का उपयोग करना चाहिए |

jai shree ram friends
Today we will talk about Mrit Sanjeevani Mantra,

Which we also call Shri Mahamrityunjaya Mantra.

This mantra is used to destroy all diseases and to remove physical pain and to remove planetary defects.

Jai Lord Shiva is the mantra of pure calm and restraint in any auspicious time,

At temple, especially in a Shiva temple,

in holy places like Ganga

near a Peepal tree, in a lake, or in a lonely place in one’s residence, in an odd number of times with determination. There is definitely benefit from reciting with devotion in the form of chanting, there is a fear of loss if there is any deficiency in the number of chants. On completion of Japa number,

One tenth of the Japa number should be Havan and one tenth of Havan should be offered

One tenth of Tarpan should be Marjan and after that

Brahmin food should be served along with donation etc.

Shri Mahamrityunjaya Mantra prevents premature death, gives longevity and health.

Apart from this, it is considered to be an infallible and proven mantra for the prevention of planetary defects,

Nadi defects, Manglik defects, enemy Shadashtak defects, finance and legality etc.

in the birth chart and as a remedy for mental diseases like death of scalar and incurable diseases.

That Mahamrityunjaya’s Kavach Yantra should be used.

भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के 11वें रुद्रावतार

जय श्री राम
Happy Hanuman Janmotsav 2023
हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन अंजनिपुत्र हनुमान जी का जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2023) मनाई जाती है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली (Bajrangbali) भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के 11वें रुद्रावतार हैं और

उनका जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था

इसलिए इस तिथि पर उनके जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti 2023) को भव्य तरीके से मनाया जाता है.

इसके अलावा कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी नरक चतुर्दशी के दिन भी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है.

इस बार चैत्र पूर्णिमा 6 अप्रैल 2023, गुरुवार को मनाई जाएगी.

इस अवसर पर भक्त धूमधाम से बजरंगबली का जन्‍मदिन मनाएंगे|

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